आत्मविकास बढ़ाने का रहस्य | A Secret Of Self Development

क्यों महत्वपूर्ण आत्मविश्वास क्यों है?

मनुष्य द्वारा अपने चिंतन, चरित्र, व्यवहार और दृष्टिकोण को ही विकसित करना व्यक्तित्व विकास कहलाता है और इसके द्वारा स्वयं की एक सकारात्मक छवि का निर्माण होता है। किसी भी व्यक्ति के बारे में जानने के लिए उसका बातचीत का तरीका और स्वाभाव ही काफी होता है। हमेशा से हम अपने ही व्यक्तित्व विकास के बारे में हमेशा गुरुजनों, शिक्षकों और किताबों में ही पढ़ते रहे हैं लेकिन क्या आपने कभी इसके लिए और ज्यादा जानने की कोशिश की है कि यह क्यों जरुरी है? क्यों दुनिया में आत्मा विकास को महत्त्व दिया जाता है?

अपने रोजमर्रा के कार्यों में जैसे बातचीत, पहनावे, लोगों से बात करने, मिलने और जीवन को उत्तम तरीके से जीने का तरीका ही व्यक्तित्व विकास है।

लेकिन मात्र इन्ही चीजों में सुधार लाकर व्यक्तित्व विकास नहीं किया जाता इसके लिए कुछ और आवश्यक चीजें होती है जिनका हमें ध्यान रखना होता है। तो चलिए आज जानते हैं कि आत्मा विकास का रहस्य क्या है?Preview(opens in a new tab)

दुनिया में बने रहने के लिए हर किसी को चालाक औरतर्कशील होना बहुत ही आवश्यक है। यहाँ सिर्फ आपकी ताका ही नहीं साथ ही साथ आपका व्यक्तित्व सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। तो अब देर न करते हुए आज हम व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक जानकारी देते हैं जिन्हे आप अपने जीवन में लागु कर अपना व्यक्तित्व विकास कर सकते हैं।

कैसे अपना आत्मविश्वास बढ़ायें?

स्वयं में विश्वास:

किसी ने एकदम सही कहा है कि अगर आपका सोचते है आप उड़ सकते हो तो आप निश्चित ही उड़ोगे लेकिन इसके लिए सबसे पहले अपने ऊपर विश्वास करना होगा और मेहनत करनी होगी। जी हाँ ये सबसे महत्वपूर्ण है आपके व्यक्तित्व विकास में क्यूंकि अगर आपको आपने खुद के ऊपर ही विश्वास नहीं तो आप आगे जीवन में कुछ भी नहीं कर पाएंगे। व्यक्तित्व विकास के लिए अपने स्वयं के ऊपर विश्वास ही सबसे पहला कदम होता है।

आप कितनी भी परिस्थिति विपरीत क्यों ना हो किसी भी हाल में अपने काबिलियत पर शक ना करे और मन में “मैं कर सकता हूँ” यह कार्य मेरे लिए ही है की सोच रखें। इसके लिए आपक सफल व्यक्तियों के जीवनी, प्रेरक विचार और प्रेरणादायक कथन  और कहानियां पढ़ें। इसे पढ़ने से आपको अपने अंदर अपने ऊपर विश्वास बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी। कभी-कभी मेरा खुद का सेल्फ कॉन्फिडेंस काम होने के लगता है तो मैं स्वयं महान विचारकों के जीवनी और उनके महान विचारों को पढता हूँ ताकि मेरा खुद पर विश्वास काम ना हो।

क्यूंकि हम जैसे विचार और साहित्य वाले माहौल में रहते हैं हमारी मानसिकता और सोच भी वैसी ही होने लगती है।

“अपना मूल्य समझो और विश्वास करो कि आप दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण इंसान हो” – पं .श्रीराम शर्मा आचार्य

हमेशा सीखने को तैयार रहें:

जैसे मनुष्य अहंकार में खुद को महान बताने लग जाता है लेकिन उनका दिमाग खली भी पाया जाता है। मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि जैसे किसी बर्तन में पानी भरा है तो उसमे हम और पानी नहीं भर सकते। उसी तरह अगर आपमें सीखने के लिए आपका मन नहीं है आप इसके लिए तैयार नहीं है तो आप कुछ भी नहीं सीख सकते। हमेशा दुसरो के अच्छे गुणों को सिखने का मन में इच्छा होनी चाइये जो आपकी ही व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होता है।

आप गलती करते हैं तो उससे सबक लीजिये कि क्यों ऐसा हुआ? इसका क्या कारण क्या है? ये आपके साथ ही क्यों हुआ? और ऐसा भविष्य में ना हो इसके लिए क्या करना होगा ? ये सोचिये। और अगर किसी दूसरे से गलती हो रही है तो उसे उसकी गलती बताइये या कोई गलत कर रहा है तो उससे बात कीजिये और खुद भी में शिखिये कि ऐसी गलती आप ना करें। जीवन में आपको ही चलना है आपका साथ कोई नहीं देगा इसलिए दूसरों की बात ध्यान से सुनिए और अपने मन में विचार और आत्ममंथन करके ही कोई कदम उठाइये।

“हमेशा खुले दिमाग से सोचे और अपने मन में दया की भावना हमेशा रखें।”

शारीरिक भाषा:

इस विषय के बारे में तो नाम से आप सभी समझ गए होंगे कि यहाँ क्या होती है? बॉडी लैंग्वेज हमारे आपके व्यक्तित्व का आइना होती है। हम सर्वप्रथम किसी के बॉडी लैंग्वेज से ही उसके व्यक्तित्व का आकलन करते हैं उसके बाद में आगे बढ़ते हैं। बॉडी लैंग्वेज में हमारे उठने-बैठने, चलने-फिरने के साथ-साथ इशारे करने से तरीके से ही पता चलता है कि आप कितने कॉंफिडेंट, अंदर कॉंफिडेंट हो या ओवर कॉंफिडेंट हो। बॉडी लैंग्वेज का सीधा सम्बन्ध हमारी सफलता से होता है और असफलता से भी। बॉडी लैंग्वेज का असर हमारे पर्सनल और वर्क लाइफ दोनों पर पड़ता है। इसलिए सबसे पहले आप इसे सुधारें इसके लिए कुछ टिप्स नीचे दिए गए हैं –

आंख से संपर्क:

दोस्तों ऑय कांटेक्ट बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कभी भी हमें किसी से बात करते टाइम आँखें चुराने नहीं चाहिए इससे सामने वाले को लगता है कि आप उनकी बातों में रूचि नहीं ले रहें।

विनम्रता से हाथ मिलाना:

जब किसी से मिले तो अपने चेहरे पर विनम्रता का भाव रखें और यह ध्यान अवश्य रखें कि जिससे आप मिले उनसे विनम्रता के साथ ही हाथ मिलाये और आगे ही बातें शालीनता के साथ पूछें।

उचित दूरी:

जब हम किसी से भी मिलने जाते हैं तो उससे बात करते समय उचित दूरी अवश्य रखें क्यूंकि इससे सामने वाला असहज महसूस करने लगेगा और खुल कर बात नहीं कर पायेगा।

बिना झुके काम करें:

अक्सर इंसान कंप्यूटर में काम करते समय सामने की ओर झुक कर काम करने की आदत होती है इससे आपके व्यक्तित्व में नकारात्मक असर पड़ता है।

हँसते रहें:

दोस्तों मुस्कुराता हुआ चेहरा किसे पसंद नहीं है भला ? जब बह आप किसी से मिलने जाये तो चेहरे पर हल्की मुस्कान रखें इससे आप पर सकारात्मक असर होता है और सामने वाले को पसंद भी आता है।

सकारात्मक रहें:

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि सकारात्मक और नकारात्मक सोच का हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसी जगह जाये चाहे घर हो या बाहर हमेशा सकारात्मक सोच रखें इससे सामने वाला आपसे जलती प्रभावित होता है।

बॉडी लैंग्वेज किसी भी चीज का चाहे खाना कहते टाइम हो , चलते टाइम हो, बात करते टाइम या भी बैठते टाइम यह सब आपके व्यक्तित्व को प्रभावित करता है इसलिए बड़ी लैंग्वेज हमेशा सही रखें और कुछ कमी होने पर उसे जल्दी से सुधार लें।

“मनुष्य का शरीर उसकी आत्मा का सबसे बेहतरीन चित्रण करता है।”

सकारात्मक दृष्टिकोण जागृत करें:

सकारात्मक सोच हमेशा हमें एक नयी ऊर्जा देता है, इससे हमारा आत्मविशवास बढ़ता है और हमारे व्यक्तित्व को निखारने में सबसे बड़ा सहायक का सिद्ध होता है। मनुष्य जैसे सोचता है वो वैसा बन जाता है ये बात तो आप सभी जानते हैं इसलिए सदैव अपने मन में सकारात्मक सोच रखे कि आप किसी भी कार्य को कर सकते है और करेंगे ही। आपने सोचने का तरीका ही आपके सामर्थ्य का पता देता है कि आप अपने कार्य को किस प्रकार और कहाँ तक पूरा कर सकेंगे।

किताबें हमारी सबसे अच्छी मित्र हैं इसे पढ़ने से हमारे ज्ञान तो वृद्धि तो होती ही है साथ ही व्यवहार में विनम्रता भी आती है।इसके लिए आप ऑटोबायोग्राफी आर्टिकल या नावेल पढ़ें इससे आपके अंदर सकारात्मक भावना में विद्धि होगी और अलग-अलग विषयों की जानकारी भी होगी इसलिए जितना आप पढ़ेंगे उतना ही आपके अंदर सकारात्मक भाव पैदा होगी और आपके लिए उतना ही अच्छा है।

“एक सकारात्मक कदम उठाने के लिए हमें सकारात्मक दृष्टि जागृत करने कि आवश्यकता है।”

नए लोगो से मिलें:

हमेशा हमे नए-नए लोगों मिलते रहना चाहिए और इसलिए लिए हमेशा तैयार भी रहना चाहिए।नाये लोगों से मिलने से हमे नयी जानकारी तो मिलती ही है साथ ही साथ उनके पर्सनालिटी बॉडी लैंग्वेज , बात करने के तरीका नेचर से भी बहुत कुछ सिखने के लिए मिलता है। कई बार वो हमे हमारी कमी के बारे में भी बताते हैं जिसे दूर कर हमारा ही पर्सनालिटी डेवलपमेंट होता है और सकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। इससे संस्कृति और जीवन शैली से जुडी हुई आवश्यक चीजों के विषय में बहुत कुछ सिखने को मिलता है जो व्यक्तित्व विकास में बहुत आवश्यक है।

खुश रहें:

हर कोई दूसरे को कहते मिल जायेंगे खुश रहिये लेकिन खुश कैसे रहना है? यह कोई नहीं बताता है। इसका सबसे बेहतरीन और आसान तरीका है आपके पा जो भी है जो कुछ वर्तमान में है उसके लिए भगवान् को धन्यवाद करे हैं और संतोष रखें क्यूंकि दुनिया में करोड़ों ऐसे हैं जिनके पास इतना भी नहीं कि वे अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा कर सके। दुनिया के हर चीज में अपनी ख़ुशी देखने की कोशिश करें।  दूसरों के साथ हँसे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरिट करे। खुश रहने से सामने वाले के ऊपर हमारा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। और यह हमारे व्यक्तित्व का हिस्सा है।

“खुशियां ही सफलता ही चाबी है,अपने कार्य से खुश रहें जो आपको सफल बनाएगी।”

धैर्य से काम लें:- कहते हैं धैर्य से किसी काम को करने से वो अवश्य ही पूरा होता है और यह बात सही भी है। किसी बह परिस्थिति में हमें अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए इससे हम उस स्थिति से निकलने के लिए तैयार हो जाते हैं और उसका सामना भी कर सकते हैं। जल्दी जल्दी में किसी कार्य को करने से हमेशा वह काम उल्टा-पुल्टा हो जाता है और सही ढंग से होता भी नहीं। धैर्य से काम लेने से हम किसी भी मुश्किल समय का सामना करते हुए आगे निकल सकते हैं इससे हमारा दिमाग अच्छे से और पूरे एक्टिव होकर काम करता है और हम सफल होते हैं।

निष्कर्ष – जीवन में लाएं जरूर:

आज यहां आपको व्यक्तित्त्व विकास करने के बारे में बताया गया है वो अगर आप अपने जीवन में लागु करते है तो 100% आप सफल होंगे। आप सकारात्मक बनेंगे और अपने और सबके बारे में सोच सकेंगे। अगर आप चाहते हैं कि वास्तव में आपके जीवन में कुछ बदलाव आये तो आपको यहाँ दिए गए बातों को नोट कर लेना चाहिए और इन्हे अपने ऊपर लागु करने चाहिए। और आप इसे रोज सोने से पहले आत्म समीक्षा करें कि क्या अपने इसे अपने जीवन में लाया? और इससे आपको क्या फायदा हुआ?

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This Post Has 4 Comments

  1. Priyanka Shishir Rai

    Bhut hi umda bhai

    1. Nice1-Story

      Thank You Shishir… agar koi suggestion hai jo jarur comment ya mail id par send karke jarur btana